गोवा का काकोलेम बीच: सुखद एहसास
भारत के समुद्र तट खासियत के कारण दुनिया में प्रसिद्ध है। गोवा के समुद्र तट अपनी एक अलग ही खासियत रखते हैं। गोवा का काकोलेम समुद्र (बीच) रोमांचक होने के साथ साथ सौन्दर्य बोध से भी लबरेज है।
हालांकि 'काकोलेम बीच" कोलाहल से दूर है। खाड़ी में स्थित काकोलेम बीच को टाइगर बीच भी कहते हैं। सैलानियों-पर्यटकों का बेहद पसंदीदा बीच है।
काकोलेम बीच पर सैरसपाटा करते-करते निश्चय ही इसके सौन्दर्य में पर्यटक खो जाते हैं। बलुई एवं शांत समुद्री तट 'काकोलेम बीच" गोवा के राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के निकट है।
हालांकि 'काकोलेम बीच" तक पहंुचने के लिए कोला गांव के साधारण रास्तों से होकर गुजरना होता है। इसे बतख तट भी कहा जाता है। 'काकोलेम बीच" का विस्तार निरन्तर खाड़ी तक होता जा रहा है।
'काकोलेम बीच" समुद्र तट काबो डी राम रिसार्ट से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर है। इसकी गिनती वन्य समुद्री तटों में की जाती है। 'काकोलेम बीच" को कभी शिकार के लिए जाना जाता था।
लुभावना परिदृश्य, विलक्षण सौन्दर्य, पहाड़ी क्षेत्र निश्चय ही 'काकोलेम बीच" में चार चांद लगाता है। उपरी चट्टानों से समुद्र तट का अवलोकन निश्चय ही एक सुखद एवं अलौकिक आनन्द प्रदान करता है।
15.073137,73.954627
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