Sunday, 22 December 2019

मांडवी बीच: अद्भुत एवं विलक्षण सौन्दर्य

    मांडवी बीच का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण कहा जाना चाहिए। जी हां, इस समुद्र तट की सुन्दरता का कहीं कोई जोड़ नहीं है। शायद इसीलिए इसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है। 

   भारत के गुजरात के कच्छ का यह समुद्र तट वैश्विक पर्यटकों का बेहद पसंदीदा पर्यटन है। यहां की सागरतटीय सुन्दरता पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है। कच्छ शहर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित मांडवी बीच अपने विशिष्ट आकर्षण से पर्यटकों को खुद ब खुद खींच लेता है। समुद्र तटों के लिए कच्छ खास तौर से प्रसिद्ध है। 

   मांडवी बीच कच्छ का खास समुुद्र तट है। जलक्रीडा का आनन्द लेना हो या तैराकी का मजा लेना हो या फिर सैर सपाटा करना हो... मांडवी बीच बेहद सुन्दर है। कच्छ की संस्कृति भी गुजरात में सबसे अलग है। शायद इसीलिए मान्यता है कि कच्छ के बिना मांडवी की यात्रा अधूरी होगी।

   गुजरात का जिला कच्छ अपनी विशिष्टताओं के लिए वैश्विक ख्याति रखता है। कच्छ का रण शायद इसी लिए प्रकृति का शानदार उपहार माना जाता है। मांडवी बीच घूमने के लिए पर्यटक सामान्यत: कभी भी यात्रा कर सकते हैं लेकिन अक्टूबर से फरवरी की अवधि बेहतर रहती है।

   सुरक्षित स्नान के लिए मांडवी बीच सबसे बेहतरीन माना जाता है। सफेद बालू मांडवी बीच की शान एवं शोभा है। सफेद बालू से सजा मांडवी बीच अपने विशिष्ट सौन्दर्य से पर्यटकों को आकर्षित करता है। मान्यता है कि कच्छ की स्थापना 1581 में की गयी थी। शासक जडेजा ने प्राकृतिक सौन्दर्य से प्रभावित होकर कच्छ की स्थापना की थी। 

   खास यह कि कच्छ को चहारदीवारी से घिरा शहर बनाया गया। मांडवी की सांस्कृतिक एवं आर्थिक समृद्धता भी बेहतरीन है। आर्थिक समृद्धता का सबसे बड़ा कारण यहां का बंदरगाह है। इस बंदरगाह की विशालता का सहज अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि एक समय में 400 से अधिक जहाज इस बंदरगाह पर खड़े हो सकते हैं।

   मांडवी में खास तौर से लकड़ी के जहाज बनाने का उद्योग अति प्रसिद्ध है। मांडवी बीच एवं उसके आसपास आकर्षक एवं लुभावने स्थलों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। इनमें खास तौर से विजय विलास पैलेस, जिनालय, रुकमावती पुल आदि इत्यादि हैं।
   विजय विलास पैलेस: विजय विलास पैलेस मांडवी का एक मुख्य आकर्षण है। एक समय यह कच्छ महाराजाओं का राजमहल हुआ करता था। राजघराना इस राजमहल का उपयोग ग्रीष्मकालीन आवास के रूप में करता था। 

   ओरछा एवं दतिया के राजमहलों की स्थापत्य कला पर आधारित स्थापत्य कला इस शानदार महल विजय विलास पैलेस का सौन्दर्य है। राजपूताना शैली पर आधारित विजय विलास पैलेस अति दर्शनीय है। सुन्दर उद्यान आदि इत्यादि इस महल की खूबियां हैं। 
   जिनालय: जिनालय वस्तुत: जैन संप्रदाय का पवित्र तीर्थधाम है। जिनालय अति दर्शनीय एवं सुन्दर है। यहां 72 विशिष्ट स्थान संरचित हैं। इनमें जैन धर्र्म के तीर्थंकर विराजमान हैं।
   रुकमावती पुल: रुकमावती पुल मांडवी का एक अन्य आकर्षण है। इस विशाल पुल की संरचना 1883 में की गयी थी। यह पुल बेहद आकर्षक है।
   जहाज निर्माण उद्योग: जहाज निर्माण उद्योग काफी कुछ खास है। मान्यता है कि जहाज का यह उद्योग 400 वर्ष से भी अधिक प्राचीन है। 
   विंड फार्म बीच: विंड फार्म बीच मांडवी का एक अन्य खास आकर्षण है। सुन्दर एवं शांत सागर तट पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करता है। यहां पवनचक्कियों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। यह बेहद आकर्षक प्रतीत होते हैं।

    मांडवी बीच की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट रुद्रमाता भुज में स्थित है। एयरपोर्ट से मांडवी बीच की दूरी करीब 63 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन भुज जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी मांडवी बीच की यात्रा कर सकते हैं।
24.076651,69.539482

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