कुंबलंगी बैकवाटर्स: प्रकृति का उपहार
कुंबलंगी को एक अद्भुत एवं आदर्श पर्यटन कहना चाहिए। जी हां, कुंबलंगी पर्यटकों को एक शांत एवं शीतल परिवेश देने के साथ ही आत्मिक सुकून भी देता है।
कुंबलंगी पर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे धरती पर साक्षात स्वर्ग उतर आया हो। भारत के केरल प्रांत के कोच्चि शहर का यह शानदार पर्यटन कुंबलंगी पर्यटकों को स्वत: आकर्षित करता है। वस्तुत: कुंबलंगी को केरल का एक आदर्श एवं पर्यटन की दृष्टि से विकसित गांव कह सकते हैं।
कुंबलंगी पर पर्यटक बैकवाटर्स का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। चाहे क्रूज की यात्रा हो या फिर जल क्षेत्र में आलीशान रिसार्ट में जीवन का आनन्द लेना हो। कोच्चि से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित कुंबलंगी को गांव भी कह सकते हैं आैर इसे शानदार द्वीप की संज्ञा भी दे सकते हैं।
खास यह कि केरल का यह गांव देश दुनिया में बैकवाटर्स के लिए बेहद प्रसिद्ध है। अपनी खास सुन्दरता एवं विशिष्ता के लिए जाना पहचाना जाने वाला कुंबलंगी वैश्विक पर्यटकों के खास आकर्षण का केन्द्र है।
खास यह कि मछली पकड़ने के शौकीन पर्यटक कुंबलंगी पर अपने शौक को पूरा कर सकते हैं। मछली पकड़ने का कुंबलंगी पर एक अलग एवं खास अंदाज दिखता है। चीनी मत्स्य जाल कुंबलंगी की विशिष्टता है।
विशेषज्ञों की मानें तो कुंबलंगी भारत का इकलौता विशिष्ट पर्यटन गांव है। इस पर्यटन गांव में पर्यटकों का अतिथि की तरह स्वागत होता है। जिससे पर्यटक प्रफुल्लित हो उठते हैं।
केरल शासन ने कुंबलंगी सहित कई गांवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया है। इनमें कुंबलंगी ने आदर्श पर्यटन के मानदण्ड स्थापित किये हैं।
कुंबलंगी गांव में पर्यटक यात्रा अवधि में ठहर सकते हैं। भोजन आदि की व्यवस्थाएं सामान्य तौर पर यहां अतिथियों को उपलब्ध होती हैं। पर्यटकों के साथ कुंबलंगी के बाशिंदों का व्यवहार परिवार की भांति होता है। लिहाजा पर्यटक यहां भरपूर मौज मस्ती कर सकते हैं।
पर्यटक कुंबलंगी गांव में स्वच्छंद घूम सकते हैं। प्रकृति का यह आश्चर्यजनक उपहार है। इतना ही नहीं, कुंबलंगी प्राकृतिक एवं दुर्लभ उपचार के लिए भी प्रसिद्ध है। कुंबलंगी प्राकृतिक एवं आैषधीय वनस्पतियों से उपचार के लिए भी जाना जाता है।
कुंबलंगी गांव जलीय जीवन से अति समृद्ध है। लिहाजा बैकवाटर्स को कुंबलंगी गांव की लाइफ लाइन कहा जाना चाहिए। कुंबलंगी जलीय जीवन का एक बड़ा प्रजनन क्षेत्र भी है। लिहाजा कुंबलंगी का बैकवाटर्स आर्थिक समृद्धता भी प्रदान करता है। कुंबलंगी को कलाकारोें का गांव भी कह सकते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो कुंबलंगी बैकवाटर्स के मध्य प्रारम्भ में शानदार एवं आलीशान कुटिया बनाने की योजना थी लेकिन अब कुंबलंगी ने एक अति विशिष्ट पर्यटन का स्वरूप हासिल कर लिया। कुंबलंगी की कलात्मकता देखते ही बनती है।
कुंबलंगी ने धीरे-धीरे एक कलात्मक स्वरूप ले लिया। इस शानदार कलाग्राम में पर्यटक हस्तशिल्प का अलंकरण देख सकते हैं। कुंबलंगी हस्तशिल्प उत्पादन में भी विलक्षण एवं अद्भुत है। करीब 16 वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला कुंबलंगी प्राकृतिक सौन्दर्य की विशिष्टता रखता है।
प्राकृतिक सौन्दर्य की यह विशिष्टता ही पर्यटकों को कुंबलंगी की ओर आकर्षित करती है। पर्यटक इस शानदार बैकवाटर्स में नौकायन का आनन्द ले सकतेे हैं तो क्रूज की यात्रा कर अनुभव अविस्मरणीय बना सकते हैं।
कुंबलंगी की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कोचीन इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। कोचीन एयरपोर्ट से कुंबलंगी गांव की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम जंक्शन है। एर्नाकुलम जंक्शन से कुंबलंगी की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कुंबलंगी की यात्रा कर सकते हैं।
9.957620,76.251150
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