कोट्टापुरम बैकवाटर्स: आनन्द की सुखद अनुभूति
कोट्टापुरम बैकवाटर्स...। जल पर्यटन के शौकीन हैं तो केरल के बैकवाटर्स की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। जी हां, भारत के दक्षिणी प्रांत केरल का बैकवाटर्स टूरिज्म बेहद रोमांचक है।
अरब सागर के सामानांतर झीलों एवं नहरों की एक शानदार एवं लम्बी श्रंखला विद्यमान है। करीब 205 किलोमीटर लम्बा यह जलमार्ग भारत का एक शानदार जल पर्यटन क्षेत्र है। कोल्लम से कोट्टापुरम तक फैला यह बैकवाटर्स प्राकृतिक सौन्दर्य का एक अनुपम संगम है।
खास यह है कि प्राकृतिक एवं कृतिम नहरों का यह एक वृहद संजाल है। इस शानदार बैकवाटर्स में पांच झीलें शामिल हैं। इतना ही नहीं, करीब 38 नदियों के संगम कोट्टापुरम बैकवाटर्स का जल सौन्दर्य अति दर्शनीय है।
विशेषज्ञों की मानें तो केरल के उत्तर-दक्षिण लम्बाई का 50 प्रतिशत हिस्सा कोट्टापुरम बैकवाटर्स से आच्छादित है। कोल्लम से कोट्टापुरम तक फैले इस बैकवाटर्स का इन्द्रधनुषी रंग देखते ही बनता है। लिहाजा पर्यटक कोट्टापुरम बैकवाटर्स पर जल पर्यटन का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो अनूप झीलों, नहरों, नदियों एवं समुद्री क्षेत्र का यह इलाका 900 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। इस जल क्षेत्र में कई गांव एवं छोटे नगर बसे हुए हैं। जिससे पर्यटक विलेज टूरिज्म का भी आनन्द ले सकते हैं। कोट्टापुरम बैकवाटर्स क्षेत्र में पर्यटक प्रवास कर वॉटर टूरिज्म का रोमांचक अनुभव कर सकते हैं।
पर्यटन के साथ साथ यह इलाका माल वाहक क्षेत्र के तौर पर भी प्रसिद्ध है। कोट्टापुरम बैकवाटर्स इलाके की लाइफ लाइन भी है। पर्यटन कोट्टापुरम बैकवाटर्स का मुख्य व्यवसाय है।
खास यह है कि कोट्टापुरम बैकवाटर्स का मुख्य आकर्षण अष्टमुड़ी झील है। कोल्लम के निकट स्थित अष्टमुड़ी झील का अप्रतिम सौन्दर्य पर्यटकों को खुद ब खुद आकर्षित करती है।
वस्तुत: अष्टमुड़ी झील कोल्लम के पास स्थित नहरों का एक विस्तृत संजाल है। केरल को नदियों, झीलों एवं जलमार्ग का अद्भुत एवं विलक्षण संगम कहा जाना चाहिए। केरल के उत्तर-दक्षिण में देखें तो नदियों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है।
इन नदियों में खास तौर से देखें तो 110 किलोमीटर लम्बी वालपट्टनम नदी, 69 किलोमीटर लम्बी चलियार नदी, 209 किलोमीटर लम्बी कदलुंदिपुड़ा नदी, 130 किलोमीटर लम्बी चालकुड़ी नदी, 244 किलोमीटर लम्बी पेरियार नदी, 176 किलोमीटर लम्बी पम्बा नदी, 128 किलोमीटर लम्बी अचनकोइल नदी, 121 किलोमीटर लम्बी कल्लदायार नदी आदि इत्यादि की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। इनके अलावा 35 से अधिक छोटी नदियों का संजाल है।
नदियों का यह परिस्थितिक तंत्र कोट्टापुरम बैकवाटर्स की शान एवं शोभा है। केरल का यह बैकवाटर्स दुनिया का अद्भुुत एवं विलक्षण जल पर्यटन है। दुनिया के इस लोकप्रिय पर्यटन की ओर पर्यटक स्वत: खिचें चले आते हैं। कोट्टापुरम बैकवाटर्स के आंतरिक एवं बाह्य क्षेत्र में स्थित आलीशान रिसोर्ट एवं अतिथि गृह पर्यटकों का भरपूर स्वागत करतेे हैं।
पर्यटक नौकायन, जलक्रीडा का आनन्द लेने के साथ ही क्रूज एवं स्टीमर आदि की सवारी कर वाटर टूरिज्म का आनन्द ले सकते हैं। बैकवाटर्स का प्रशांत नौका विहार पर्यटकों को कभी न भूूलने वाला आनन्द एवं अनुभव प्रदान करता है। अलप्पुझा बैकवाटर्स को पूर्व वेनिस कहा जाता है। यह इलाका खास तौर से हाउसबोट नौका विहार के लिए प्रसिद्ध है।
खास यह कि पर्यटक यहां प्रकृति के मनोरम सौन्दर्य में खो जाते हैं। पर्यटक कोट्टापुरम बैकवाटर्स पर केरल के सांस्कृतिक परिवेश के भी दर्शन कर सकते हैं। कला एवं संस्कृति की सदियों पुरानी परम्पराएं अति दर्शनीय होती हैं।
लोक कलाओं, अनुष्ठान कलाओं, स्थापत्य कला, शिल्प कला का सौन्दर्य देख कर पर्यटक मुग्ध हो उठते हैं। कला एवं संस्कार की जीवंतता कोट्टापुरम बैकवाटर्स पर खास तौर से दर्शनीय हैं। गांव की सोंधी सुगंध पर्यटकों को लुभाती है।
कोट्टापुरम बैकवाटर्स की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट तिरुवंतपुरम एयरपोर्ट है। एयरपोर्ट से कोेट्टापुरम की यात्रा कर पर्यटक कोट्टापुरम बैकवाटर्स की यात्रा प्रारम्भ कर सकते हैं।
निकटतम रेलवे स्टेशन तिरुवंतपुरम जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कोट्टापुरम बैकवाटर्स की यात्रा कर सकते हैं।
10.529220,76.205410
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