Wednesday, 23 October 2019

पदन्ना बैकवाटर्स : आनन्द की रोमांचक अनुभूति

   पदन्ना बैकवाटर्स को रोमांटिक पर्यटन कहा जाना चाहिए। जी हां, पदन्ना बैकवाटर्स का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है। 

   लिहाजा पदन्ना का प्राकृतिक सौन्दर्य वैश्विक पर्यटकों को स्वत: आकर्षित करता है। भारत के केरल प्रांत के कासरगोड का यह शानदार बैकवाटर्स वैश्विक ख्याति रखता है। पदन्ना बैकवाटर्स एक शानदार स्वप्नलोक सा प्रतीत होता है। इसे केरल का बैकवाटर्स गेटवे भी कहा जा सकता है।

   केरल के उत्तरी इलाके में स्थित पदन्ना बैकवाटर्स के चौतरफा प्राकृतिक सौन्दर्य की निराली छटा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर लेती है। केरल के उत्तरी क्षेत्र में स्थित पदन्ना बैकवाटर्स बेहद रोमांटिक माना जाता है। पदन्ना बैकवाटर्स पर पर्यटक नौकायन के साथ रॉफ्टिंग का भी भरपूर आनन्द ले सकते हैं।

  हाउसबोट में विश्राम करना, हाउसबोट में सवार होकर पदन्ना बैकवाटर्स का सफर करना पर्यटकों को रोमांच की एक शानदार अनुभूति कराता है। प्राकृतिक आैषधीय वनस्पतियां पदन्ना बैकवाटर्स का आकर्षण, शान एवं शोभा हैं। 

   पर्यटक पदन्ना बैकवाटर्स पर समुद्री भोजन का भी आनन्द ले सकते हैं। पदन्ना बैकवाटर्स इलाके का समुद्री भोजन स्वादिष्ट एवं बेहद लजीज होता है। लिहाजा पर्यटक लम्बे समय तक इन स्वादिष्ट व्यंजनों का स्वाद भूल नहीं पाते हैं। 

   इतना ही नहीं, नारियल के स्वादिष्ट व्यंजन पदन्ना बैकवाटर्स की विशिष्टता है। पदन्ना बैकवाटर्स खास तौर से लम्बे तटों वाला इलाका है। लिहाजा बैकवाटर्स का विहंगम परिदृश्य अति दर्शनीय होता है। हाउसबोट में रात्रि विश्राम अति रोमांचक एवं रोमांसकारी होता है। 
    चांद-तारों से भरा आकाश अति रोमांचक होता है। लिहाजा पर्यटक इस रोमांचक परिदृश्य में खो जाते हैं। नारियल एवं आैषधीय वनस्पतियों के शानदार एवं शोभाकार वृक्ष इस परिदृश्य को आैर भी अधिक सुन्दर बना देते हैं। 

   केरल का बैकवाटर्स गेटवे पदन्ना बेहद शांत एवं शीतल है। लिहाजा पर्यटक यहां एक शीतल शांति का एहसास करते है। पर्यटक पदन्ना में एक विशेष ऊर्जा एवं उत्साह का एहसास करते हैं। जिससे उनकी शारीरिक ऊर्जा में अभूतपूर्व संचार होता है। 

   शहरी जनजीवन से दूर एक शांत एवं सुन्दर परिदृश्य वाला पदन्ना बैकवाटर्स वैश्विक पर्यटकों के विशेष आकर्षण का केन्द्र रहता है। पर्यटक पदन्ना बैकवाटर्स अपनी प्राथमिकता के आधार पर हाउसबोट, नौका या रमणीय क्रूज का आनन्द ले सकते हैं। 

   नारियल के पेड़ों एवं नहरों के शानदार संजाल वाला पदन्ना बैकवाटर्स पर पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया दिखती है। शीतल एवं शांत हवाओं का स्पर्श पर्यटकों को प्रफुल्लित कर देता है। यह एक मखमली एहसास होता है। 

   खास तौर से पांच नदियों का यह संगम पदन्ना बैकवाटर्स पर्यटकों की सुख सुविधाओं का पूरा ख्याल रखता है। पदन्ना बैकवाटर्स के चौतरफा छोटे-छोटे द्वीप समूह अति दर्शनीय प्रतीत होते हैं। पर्यटक पदन्ना बैकवाटर्स पर मछली पकड़ने का शौक भी पूरा कर सकते हैं। 

   पर्यटक पदन्ना बैकवाटर्स पर हाउसबोट में कमरा लेकर सफर को आैर भी आनन्ददायक बना सकते हैं। हाउसबोट के कमरे भी किफायत पर किराये पर उपलब्ध हो जाते हैं।
   पदन्ना बैकवाटर्स की यात्रा करनी हो तो इसके लिए अक्टूबर से फरवरी की अवधि का चयन करना चाहिए। यह समय सबसे अधिक बेहतरीन होता है। 
   पर्यटक पदन्ना बैकवाटर्स की यात्रा के दौरान प्रसिद्ध थेयम प्रदर्शन भी देख सकते हैं। पदन्ना बैकवाटर्स के गांवों की खूबसूरती भी अति दर्शनीय है। पर्यटक इन द्वीप आधारित गांव में विलेज टूरिज्म का भरपूर आनन्द ले सकते हैं।

   पदन्ना बैकवाटर्स की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कालीकट इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। कालीकट एयरपोर्ट से पदन्ना बैकवाटर्स की दूरी करीब 167 किलोमीटर है। 
   निकटतम रेलवे स्टेशन कान्हांगढ़ जंक्शन है। कान्हांगढ़ जंक्शन से पदन्ना बैकवाटर्स की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कासारगोड की यात्रा कर पदन्ना बैकवाटर्स पहंुच सकते हैं।
12.499700,74.987000

Wednesday, 16 October 2019

अष्टमुडी बैकवाटर्स : रोमांचक एहसास

   अष्टमुडी झील को साउथ वॉटर टूरिज्म का गेटवे कहा जाना चाहिए। जी हां, यह शानदार बैकवाटर्स काफी कुछ विलक्षण एवं अद्भुत है। 

   भारत के केरल प्रांत के कोल्लम जिला का यह सुन्दर बैकवाटर्स प्रकृति का शानदार उपहार है। अनूपझील श्रंृखला का यह बैकवाटर्स पर्यटकों को रोमांचक एहसास कराता है। 

   वस्तुत: यह बैकवाटर्स अष्ट भुजाओं के आकार वाला जल क्षेत्र है। लिहाजा इसे अष्टमुडी झील के नाम से जाना पहचाना जाता है। प्राकृतिक सौन्दर्य का यह सुन्दर आयाम अति दर्शनीय है। 

   प्रकृति की गोद में रची-बसी अष्टमुडी झील देश विदेश के पर्यटकों के बीच खास प्रसिद्ध है। अष्टमुडी झील को केरल की अनूप झीलों का प्रवेश द्वार माना जाता है। इस बैकवाटर्स की यात्रा के दौरान एहसास होता है कि जैसे साक्षात प्रकृति उतर आयी हो।

   नहरों-झीलों का यह संजाल किसी को भी मुग्ध कर लेता है। अष्टमुडी झील एवं नहरों के किनारे नारियल एवं ताड़ के वृक्ष अति दर्शनीय हैं। अष्टमुडी झील की यात्रा में गांवों का सौन्दर्य अति लुभावना प्रतीत होता है। 

  पर्यटक अष्टमुडी झील के आसपास गांवों की सुगंध के सोंधापन का एहसास करते हैं। पर्यटक इस शानदार झील में नौकायन का आनन्द ले सकते हैं तो वहीं हाउस वोट या क्रूज में विश्राम एवं यात्रा कर सकते हैं। 

   ताड़ एवं नारियल के वृक्षों की छांव बेहद ह्मदयस्पर्शी प्रतीत होता है। एक सुखद शीतलता का एहसास होता है। पर्यटक अष्टमुडी झील पर मछलियां पकड़ने का शौक भी पूरा कर सकते हैं।

   खास यह कि अष्टमुडी झील सहित आसपास का इलाका समुद्री जल जीव सम्पदाओं से अति समृद्ध है। खास यह कि अष्टमुडी झील का पारिस्थितिक तंत्र अनूठा एवं अद्भुत है।

   विशेषज्ञों की मानें तो अष्टमुडी झील केरल का मुख्य पर्यटन आकर्षण है। इसका आकार-प्रकार काफी कुछ आक्टोपस से मिलता है। नाम केे अनुरूप ही इसकी स्थलाकृति है।

  हाउसबोट इस बैकवाटर्स की शोभा एवं शान हैं। आकर्षक एवं आदर्श बैकवाटर्स रिसार्ट में पर्यटक ठहर कर बैकवाटर्स का आनन्द ले सकते हैं। 

   अष्टमुडी बैकवाटर्स की यात्रा के दौरान पर्यटक गांवों का भी भ्रमण कर सकते हैं। वस्तुत: अष्टमुडी झील इस इलाके का एक शानदार जलमार्ग भी है।

  इलाके की आर्थिक सम्पन्नता अष्टमुडी झील सहित जल संसाधनों पर ही निर्भर है। खास यह कि इस जल यात्रा का रोमांच पर्यटक कभी भूल नहीं पाते हैं।

   अष्टमुडी झील की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट है। तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से अष्टमुडी झील की दूरी करीब 51 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन कोल्लम जंक्शन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी अष्टमुडी झील की यात्रा कर सकते हैं।
10.000650,76.297170

Wednesday, 2 October 2019

कुंबलंगी बैकवाटर्स: प्रकृति का उपहार

   कुंबलंगी को एक अद्भुत एवं आदर्श पर्यटन कहना चाहिए। जी हां, कुंबलंगी पर्यटकों को एक शांत एवं शीतल परिवेश देने के साथ ही आत्मिक सुकून भी देता है। 

   कुंबलंगी पर ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे धरती पर साक्षात स्वर्ग उतर आया हो। भारत के केरल प्रांत के कोच्चि शहर का यह शानदार पर्यटन कुंबलंगी पर्यटकों को स्वत: आकर्षित करता है। वस्तुत: कुंबलंगी को केरल का एक आदर्श एवं पर्यटन की दृष्टि से विकसित गांव कह सकते हैं।

   कुंबलंगी पर पर्यटक बैकवाटर्स का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। चाहे क्रूज की यात्रा हो या फिर जल क्षेत्र में आलीशान रिसार्ट में जीवन का आनन्द लेना हो। कोच्चि से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित कुंबलंगी को गांव भी कह सकते हैं आैर इसे शानदार द्वीप की संज्ञा भी दे सकते हैं। 

   खास यह कि केरल का यह गांव देश दुनिया में बैकवाटर्स के लिए बेहद प्रसिद्ध है। अपनी खास सुन्दरता एवं विशिष्ता के लिए जाना पहचाना जाने वाला कुंबलंगी वैश्विक पर्यटकों के खास आकर्षण का केन्द्र है। 

   खास यह कि मछली पकड़ने के शौकीन पर्यटक कुंबलंगी पर अपने शौक को पूरा कर सकते हैं। मछली पकड़ने का कुंबलंगी पर एक अलग एवं खास अंदाज दिखता है। चीनी मत्स्य जाल कुंबलंगी की विशिष्टता है।

   विशेषज्ञों की मानें तो कुंबलंगी भारत का इकलौता विशिष्ट पर्यटन गांव है। इस पर्यटन गांव में पर्यटकों का अतिथि की तरह स्वागत होता है। जिससे पर्यटक प्रफुल्लित हो उठते हैं।
   केरल शासन ने कुंबलंगी सहित कई गांवों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया है। इनमें कुंबलंगी ने आदर्श पर्यटन के मानदण्ड स्थापित किये हैं। 

   कुंबलंगी गांव में पर्यटक यात्रा अवधि में ठहर सकते हैं। भोजन आदि की व्यवस्थाएं सामान्य तौर पर यहां अतिथियों को उपलब्ध होती हैं। पर्यटकों के साथ कुंबलंगी के बाशिंदों का व्यवहार परिवार की भांति होता है। लिहाजा पर्यटक यहां भरपूर मौज मस्ती कर सकते हैं। 

   पर्यटक कुंबलंगी गांव में स्वच्छंद घूम सकते हैं। प्रकृति का यह आश्चर्यजनक उपहार है। इतना ही नहीं, कुंबलंगी प्राकृतिक एवं दुर्लभ उपचार के लिए भी प्रसिद्ध है। कुंबलंगी प्राकृतिक एवं आैषधीय वनस्पतियों से उपचार के लिए भी जाना जाता है। 

   कुंबलंगी गांव जलीय जीवन से अति समृद्ध है। लिहाजा बैकवाटर्स को कुंबलंगी गांव की लाइफ लाइन कहा जाना चाहिए। कुंबलंगी जलीय जीवन का एक बड़ा प्रजनन क्षेत्र भी है। लिहाजा कुंबलंगी का बैकवाटर्स आर्थिक समृद्धता भी प्रदान करता है। कुंबलंगी को कलाकारोें का गांव भी कह सकते हैं। 

   विशेषज्ञों की मानें तो कुंबलंगी बैकवाटर्स के मध्य प्रारम्भ में शानदार एवं आलीशान कुटिया बनाने की योजना थी लेकिन अब कुंबलंगी ने एक अति विशिष्ट पर्यटन का स्वरूप हासिल कर लिया। कुंबलंगी की कलात्मकता देखते ही बनती है। 

   कुंबलंगी ने धीरे-धीरे एक कलात्मक स्वरूप ले लिया। इस शानदार कलाग्राम में पर्यटक हस्तशिल्प का अलंकरण देख सकते हैं। कुंबलंगी हस्तशिल्प उत्पादन में भी विलक्षण एवं अद्भुत है। करीब 16 वर्ग किलोमीटर दायरे में फैला कुंबलंगी प्राकृतिक सौन्दर्य की विशिष्टता रखता है।

   प्राकृतिक सौन्दर्य की यह विशिष्टता ही पर्यटकों को कुंबलंगी की ओर आकर्षित करती है। पर्यटक इस शानदार बैकवाटर्स में नौकायन का आनन्द ले सकतेे हैं तो क्रूज की यात्रा कर अनुभव अविस्मरणीय बना सकते हैं।

   कुंबलंगी की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कोचीन इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। कोचीन एयरपोर्ट से कुंबलंगी गांव की दूरी करीब 40 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन एर्नाकुलम जंक्शन है। एर्नाकुलम जंक्शन से कुंबलंगी की दूरी करीब 15 किलोमीटर है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कुंबलंगी की यात्रा कर सकते हैं।
9.957620,76.251150

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