कोझीकोड बीच: रोमांचक एहसास
कोझीकोड बीच को प्रकृति का इन्द्रधनुषी आयाम कहा जाना चाहिए। कोझीकोड बीच शहरी भागदौड़ से पर्यटकों को एक शांत शीतल एवं मखमली स्पर्श का एहसास कराता है।
भारत के केरल के कालीकट का यह सुन्दर बीच देश दुनिया में खास प्रसिद्ध है। इसे केरल का एक आदर्श पर्यटन क्षेत्र माना जाता है। कोझीकोड बीच पर सूर्योदय एवं सूर्यास्त का लालित्य अति दर्शनीय होता है।
लिहाजा इस दर्शनीयता के लिए पर्यटकों का जमावड़ा लगता है। यूं कहें कि कोझीकोड बीच का सौन्दर्य पर्यटकों को लुभाता है तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। कोझीकोड बीच पर दक्षिण भारतीय संस्कृति पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
अरब सागर का यह समुद्र तट पर्यटकों को रोमांचित कर देता है। अरब सागर की शानदार लहरों से खेलना, जलक्रीड़ा करना, बीच की लहरों में स्नान करना आदि इत्यादि पर्यटकों को रोमांच से भर देता है। समुद्री हवाओं का आनन्द लेना हो तो कोझीकोड बीच की यात्रा का प्लान कर सकते हैं।
कोझीकोड बीच की यात्रा केे साथ ही पर्यटक आसपास के इलाकों की यात्रा कर आनन्द की एक सुखद अनुभूति कर सकते हैं। कोझीकोड को वस्तुत: कालीकट के नाम से जाना एवं पहचाना जाता है। कोझीकोड की अपनी एक खास ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक समृद्धता है। जिससे पर्यटक कोझीकोड की यात्रा पर खींचे चले आते हैं।
केरल के पूर्वी इलाके का कोझीकोड मसालों की उत्पादकता के लिए जाना एवं पहचाना जाता है। इसे मसालों की राजधानी के तौर पर दुनिया में देखा जाता है। चाय, काफी, काली मिर्च, नारियल आदि इत्यादि बहुत कुछ इस क्षेत्र की उत्पादकता में शामिल है।
लिहाजा परिवेश मसालों की खूशबू से महकता रहता है। नारियल के स्वादिष्ट व्यंजन पर्यटकों को मुग्ध कर लेेते हैं। कालीकट का मालाबार खान पान के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। दम बिरयानी, कलममाकाया एवं चट्टी पथरी खास तौर से प्रसिद्ध हैं। कोझीकोड को दक्षिण भारत के आदर्श पर्यटन में शीर्ष पर गिना जाता है।
मानांचिरा स्क्वायर: मानांचिरा स्क्वायर कोझीकोड का एक मुख्य आकर्षण है। वस्तुत: यह एक अति दर्शनीय एवं खूबसूरत पूल है। इसका निर्माण राजा मानावेदावन ने किया था।
इसके आसपास प्राचीन मंदिर, पौराणिक इमारतें, चर्च आदि इत्यादि हैं। इसके अलावा संगीत मंच, खुला थियेटर एवं संगीतमय फव्वारा संचाचित है। लिहाजा पर्यटक भरपूर आनन्द ले सकते हैं।
नागों का मंदिर: नागों का मंदिर वस्तुत: भगवान शिव को समर्पित है। इसे कालीकट के प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला दक्षिण भारतीय शैली पर आधारित है। गर्भगृह में दो फुट आकार का शिवलिंग प्रतिष्ठापित है।
कडलुंडी पक्षी अभयारण्य: कडलुंडी पक्षी अभयारण्य कोझीकोड की शान एवं शोभा है। पर्यटकों को यह रोमांच की सुखद अनुभूति कराता है। अरब सागर की ओर से आती कडलुंडी नदी के आसपास द्वीपों एवं पहाड़ियों पर स्थित कडलुंडी पक्षी अभयारण्य की सुन्दरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर लेती है।
विभिन्न प्रजातियों के रंंगबिरंगे पक्षी इस अभयारण्य की शोभा हैं। पर्यटक यहां प्रकृति के करीब कुदरती खूबसूरती का एहसास कर सकते हैं। पक्षियों का कोलाहल-कलरव एक संगीतमय परिवेश बनाता है। यहां एक शानदार संग्रहालय भी है।
कालीपोयीका: कालीपोयीका वस्तुत: एक शानदार बैकवाटर्स है। पर्यटक कालीपोयीका में नौकायन का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। नौकायन के लिए यह इलाका आदर्श माना जाता है।
रॉ बोटिंग, पैडल बोटिंग एवं क्रूज का आनन्द पर्यटक यहां ले सकते हैं। कालीकट से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित कालीपोयीका रोमांच का एक शानदार स्थान है। वस्तुत: ईको फ्रैण्डली पर्यटन का शानदार हिस्सा कालीपोयीका जल पर्यटन के लिए आदर्श है।
कोझीकोड बीच की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कालीकट एयरपोर्ट है। निकटतम रेलवे स्टेशन कोझीकोड रेलवे स्टेशन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी कोझीकोड बीच की यात्रा कर सकते हैं।
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