Tuesday, 17 December 2019

अलीबाग: प्रकृति का अनुपम उपहार

   अलीबाग को प्राकृतिक सौन्दर्य का अनुपम उपहार कहा जाना चाहिए। अलीबाग को विशिष्ट सौन्दर्य के कारण ही शायद महाराष्ट्र का गोवा कहा जाता है। 

  जी हां, अलीबाग का प्राकृतिक सौन्दर्य अद्भुत एवं विलक्षण है। भारत के महाराष्ट्र के जिला रायगढ़ का यह सुन्दर पर्यटन क्षेत्र वस्तुत: समुद्र तटीय शहर है। कोंकण क्षेत्र का यह छोटा सा समुद्र तटीय शहर महाराष्ट्र का एक आदर्श पर्यटन है। मुम्बई से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित अलीबाग पर्यटन की विशिष्टताएं रखता है। 

  रेतीले समुद्र तट, साफ एवं शीतल हवा, मंदिरों एवं किलों आदि इत्यादि की खासियत रखने वाला अलीबाग देश दुनिया में खास तौर से जाना एवं पहचाना जाता है। तीन दिशाओं से समुद्र से घिरा होने के कारण अलीबाग का एक विशिष्ट आकर्षण है। खास यह है कि अलीबाग में समुद्र तटों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है।

   नारियल एवं सुपारी के पेड़ों से आच्छादित अलीबाग वैश्विक पर्यटकों को खास तौर से आकर्षित करता है। अलीबाग का सुहावना मौसम पर्यटकों को रोमांचित कर देता है। 
   समुद्री तटों का यह दृश्य किसी स्वर्ग से कम नहीं है। अलीबाग भोजन व्यंजन में भी विशिष्ट है। मछली एवं समुद्री भोज्य पदार्थ के स्वाद को पर्यटक लम्बे समय तक भूल नहीं पाते।

   सर्दियों में अलीबाग में मौज मस्ती का अपना एक अलग आनन्द है। अलीबाग का शाब्दिक अर्थ अली का बाग माना जाता है। मान्यता है कि इस समुद्र तटीय शहर का नाम एक अमीर इजरायली के नाम पर रखा गया था। 
   इस अमीर ने अलीबाग के इस इलाके में आम एवं नारियल के पेड़ बहुतायत में लगाये थे। इस इजरायली का नाम अली था। लिहाजा इस इलाके को अलीबाग के तौर पर जाना पहचाना जाने लगा। 

   महाराष्ट्र के पश्चिमी तट का यह हिस्सा अलीबाग वस्तुत: प्राकृतिक सौन्दर्य का एक विशिष्ट प्रतिमान है। अलीबाग के प्राकृतिक सौन्दर्य ने बॉलीवुड को भी मुग्ध किया है। 
   कारण असंख्य फिल्मों की शूटिंग में अलीबाग का प्राकृतिक सौन्दर्य कैमरे में कैद हो चुका है। अलीबाग में फिल्मी सितारों के आलीशान बंगले एवं फार्म हाउस भी हैं।

   कनकेश्वर मंदिर एवं सोमेश्वर मंदिर अलीबाग की धार्मिक आत्मा हैं। यह देव स्थान पर्यटकों को श्रद्धा से भर देते हैं। यह मंंदिर वस्तुत: भगवान शिव को समर्पित हैं। 
   अलीबाग एवं उसके आसपास आकर्षक एवं विशिष्ट स्थानों की एक लम्बी श्रंखला विद्यमान है। इनमें खास तौर से कोलाबा का किला, अलीबाग बीच, नागाओन बीच, कनकेश्वर मंदिर एवं जंजीरा का किला आदि इत्यादि हैं। 

   कोलाबा का किला: कोलाबा का किला वस्तुत: मराठा साम्राज्य का एक शानदार प्रतिमान है। अलीबाग समुद्र तट से इस किला को साफ तौर पर देखा जा सकता है। अलीबाग की एक अन्य शान खांडेरी का किला है। करीब 3 शताब्दी पुराना खांडेरी का किला अपने राजसी वैभव के लिए खास ख्याति रखता है।

   अलीबाग बीच: अलीबाग बीच समुद्र का एक शानदार तट है। यह समुद्र तट मुख्य शहर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। समुद्र तट पर स्थित कोलाबा का किला यहां की सुन्दरता, दिव्यता-भव्यता में चार चांद लगा देता है। 

   इसे एक शानदार पिकनिक स्पॉट भी कह सकते हैं। पर्यटक अलीबाग बीच पर स्वादिष्ट एवं लजीज व्यंजनों के चटखारे भी लेे सकते हैं। इसके अलावा पर्यटक रोमांचक यात्रा का अनुभव भी हासिल कर सकते हैं। 
   नागाओन बीच: नागाओन बीच अलीबाग से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित है। शांतिपूर्ण वातावरण की चाहत रखनेे वालेे पर्यटन प्रेमियों के लिए नागाओन बीच किसी स्वर्ग से कम नहीं। पर्यटक नागाओन बीच पर वाटर स्कूटर की राइडिंग कर रोमांच का अनुभव ले सकते हैं। 
   कनकेश्वर वन: कनकेश्वर वन वस्तुत: अलीबाग का मुख्य आकर्षण है। आैषधीय वनस्पतियों से घिरा सघन वन क्षेत्र बेहद आकर्षक है। जीव जन्तुओं की असंख्य प्रजातियां इस वन क्षेत्र में संरक्षण पाती हैं। करीब 300 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कनकेश्वर वन बेहद दर्शनीय है। शीर्ष पर एक शिव मंदिर भी है। 
   जंजीरा किला: जंजीरा किला अरब सागर की खूबसूरती के मध्य स्थित है। खास यह कि जंजीरा किला की यात्रा नौका से ही की जा सकती है। हालांकि किला की यात्रा के लिए नौकाएं सदैव उपलब्ध रहती हैं। 
  जंजीरा किला वस्तुत: मुगल वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। विशाल खम्भों के साथ बना मुख्य द्वार, मूर्तियों से सुसज्जित दीवारें एवं मंदिर आदि इत्यादि इस किला की शान एवं शोभा हैं।
   अलीबाग की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट छत्रपति शिवाजी महाराज इण्टरनेशनल एयरपोर्ट मुम्बई है। निकटतम रेलवे स्टेशन रोहा जंक्शन एवं पनवेल रेलवे स्टेशन है। पर्यटक सड़क मार्ग से भी अलीबाग की यात्रा कर सकते हैं।
18.647400,72.874200

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